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जाम में फंसे दूल्हे, इंतजार में दुल्हनें, कोई पैदल निकला ब्याहने, कोई हो गया फेरों के लिए लेट

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नई दिल्ली। किसान लगातार अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इन सब के बीच आम लोगों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लंबे जाम में फंसे लोगों का कहीं भी जाना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा तकलीफ शादी करने वाले जोड़ों को या फिर बारात में जा रहे लोगों को उठानी पड़ रही है। सड़कों पर भयंकर जाम की स्थिति पैदा हो गई है। आंदोलन के चलते एक बारात जाम में फंस गई। बारात सिरसा के गांव सक्ताखेड़ा से फतेहाबाद में जानी थी। सिरसा के गांव खैरेकां के पास शुक्रवार सुबह पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नाका लगाया हुआ था, इसी दौरान बारात जाम में फंस गई। जिसके बाद बारात में शामिल लोगों ने गांव से आगे जाने का रास्ता अपनाया, लेकिन गांव खैरेकां के पास आकर फंस गए। बारात को फतेहाबाद में पहुंचना था, लेकिन 2 बजे तक बारात सिरसा में ही फंसी रही।  दूल्हे संदीप ने बताया कि शुक्रवार  को फतेहाबाद के लिए वह सुबह 8:30 बजे चले थे, लेकिन रास्ते बंद होने की वजह से वे जाम में फंसे रहे। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद में फेरे लेने के लिए 11 बजे पहुंचना था लेकिन वे समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं दूल्हा संदीप कुमार क...

हिन्दू पत्रकार ने लिखा कुरान मतलब आतंकवादी बनाने वाली किताब, तो मुस्लिम पत्रकार ने दिया ये जबाव

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मोदी सरकार बनने के बाद देश में नफरत का कारोबार इतनी तरक्की कर रहा है कि लोग इंसानियत ही भूलते जा रहे हैं. खुद को मिड नाईट एक्सप्रेस अख़बार का संपादक बताने वाले और घडी चश्मे बेचने वाले तथाकथित पत्रकार संदीप अग्रवाल ने मुसलमानों के खिलाफ ही नही बल्कि इस्लाम और कुरआन के खिलाफ वो जहर उगला जो घोर निंदनीय है. आज संदीप अग्रवाल ने ट्विट किया. जिसमे उसने लिखा था कि इस्लाम मतलब गुंडे बदमाशों का गिरोह? कुरान मतलब आतंकवादी बनाने वाली एक किताब?मुसलमान मतलब बच्चे पैदा करने वाले जानवर?. जिसका मुस्लिम पत्रकार अमन पठान का जबाव सुनकर भड़क गया और खुलकर मैदान में आ गया. आइये देखते हैं ट्विट की जंग. इस्लाम मतलब गुंडे बदमाशों का गिरोह?कुरान मतलब आतंकवादी बनाने वाली एक किताब? मुसलमान मतलब बच्चे पैदा करने वाले जानवर? — Midnight Express (@SandeepCPL) September 9, 2017 जरा सोच समझ कर बोला करें। हमारी खामोशी का मतलब ये नही है कि हम.... — CARE OF MEDIA (@careofmedia) September 9, 2017 आज की कड़वी सच्चाई यही है भाई, सुधार की कोशिश करें, — Midnight Express (@SandeepCPL) September 9, 2017 ज...

जमा किये पैसे का सोर्स क्या हैं नही पता तो देना होगा टैक्स

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नई दिल्‍ली.    अगर आपने नोटबंदी के दौरान, यानी 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच बैंक अकाउंट में कैश जमा कराया है तो आपको इस रकम पर भी टैक्‍स देना पड़ सकता है। अगर आप के पास इस बात का सबूत नहीं है कि जमा किए गए पैसे का सोर्स क्‍या है तो आपको इस पैसे को इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम के तौर पर दिखाना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट आपके खिलाफ एक्‍शन ले सकता है। इनकम टैक्‍स (आईटी) डिपार्टमेंट ने इस बार इनकम टैक्‍स रिटर्न में नोटबंदी के दौरान किए गए कैश डिपॉजिट की भी डिटेल मांगी है। आपने नोटबंदी के दौरान बैंक अकाउंट में जो भी कैश जमा किया है इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्त उसका भी ध्‍यान रखना होगा। अगर आप इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट को इस पैसे का सोर्स बता पाए और यह साबित कर पाए कि इस पर टैक्स दिया जा चुका है तो ठीक है, नहीं तो यह पैसा इनकम में दिखाना होगा और इस पर टैक्‍स अदा करना होगा।   कैश डिपॉजिट छिपाने पर होगी मुश्किल अगर कोई शख्स आईटी रिटर्न में नोटबंदी के दौरान जमा कैश नहीं दिखाता है तो आईटी डिपार्टमेंट अपने रिकॉर्ड से मिलान क...

एसबीआई बचत बैंक खाता: न्यूनतम शेष राशि, एटीएम निकासी नियम

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भारतीय स्टेट बैंक या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बचत बैंक खातों में निर्धारित मासिक औसत शेष राशि को बनाए रखने के लिए प्रति माह 100 रुपये तक (18 फीसदी जीएसटी छोड़कर) जुर्माना लगाया गया है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार, बैंक सामान्य बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि का रखरखाव नहीं करने के लिए शुल्क ले सकते हैं। एसबीआई की मेट्रो, शहरी, अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण शाखाओं में बचत बैंक खातों वाले ग्राहकों को एसबीआई वेबसाइट के मुताबिक एमएबी या मासिक औसत शेष नियमों का पालन करने में विफल रहने के लिए अलग-अलग दंड का भुगतान करना होगा। एसबीआई, जो कि भारत की बैंकिंग परिसंपत्तियों की पांचवीं से ज्यादा हिस्सेदारी है, ने शाखाओं की चार श्रेणियों के आधार पर अपने बचत बैंक के ग्राहकों की कमी के आधार पर 50 से 100 रुपये तक के करों का भुगतान किया है। उदाहरण के लिए, यदि आपका एसबीआई बचत बैंक खाता मेट्रो शहर की शाखाओं में से एक है, तो आपको 5000 रुपये का मासिक औसत शेष बनाए रखना होगा। यदि एक महीने के दौरान बनाए गए औसत शेष शून्य और 1500 के बीच में आते हैं, जो कि 75 प्रतिशत से अधिक की कमी है, तो 100 रुपए के गै...

बड़ी भूल, कमल का फूल? ‘नोटबंदी’ जानलेवा हमला था और ‘जीएसटी’ मृत्यदंड?

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नई दिल्ली | आज सोशल मीडिया पर सबसे हॉट टॉपिक के रूप में जीएसटी सबसे ऊपर चल रहा है. फेसबुक और ट्विटर पर लोग जीएसटी को लेकर खूब मजे ले रहे है. जहाँ कुछ यूजर नए कर सुधार के लिए मोदी सरकार की सरहाना कर रहे है तो कुछ ऐसे भी है जो प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी को आड़े हाथो ले रहे है. वो पूछ रहे है की अगर जीएसटी देश के लिए इतना ही जरुरी था तो कांग्रेस सरकार में बीजेपी ने इसको लागु क्यों नही होने दिया. शुक्रवार रात को संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने घंटा बजाकर जीएसटी का शुभारम्भ किया. इसके बाद से लोगो में अपने पहले जीएसटी बिल को सोशल मीडिया पर शेयर करने की होड़ से मच गयी. इसी शुरुआत बिग बाजार के सीईओ किशोर बयानी ने बिग बाजार के पहले जीएसटी बिल की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करके की. इसके बाद से यह ट्रेंड बन गया. कुछ लोग अपना बिल शेयर कर पूछ रहे है की आखिर यह है अच्छे दिन. एक यूजर ने लिखा की 75 रूपए के सामान पर मुझे 13 रूपए जीएसटी देना पड़ा. क्या सरकार है, आम आदमी को लूट रही है. वही कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने नोट बंदी और जीएसटी , दोनों मामलो को लेकर म...

सबसे बड़े सैनिक सम्मान से नवाज़े गए अब्दुल हमीद के बारे में कितना जानते हैं आप?

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वीर अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई, 1933  धरमपुर गांव, ग़ाज़ीपुर ज़िला, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता का नाम मोहम्मद उस्मान था, अब्दुल हमीद 10 सितम्बर, 1965 में तरनतारन साहब ज़िला, पंजाब में युद्ध के मैदान में शहीद हुए। अब्दुल हमीद का जन्म उत्तर प्रदेश में ग़ाज़ीपुर ज़िले के धरमपुर गांव के एक मुस्लिम दर्जी परिवार में 1 जुलाई, 1933 को हुआ। आजीविका के लिए कपड़ों की सिलाई का काम करने वाले मोहम्मद उस्मान के पुत्र अब्दुल हमीद की रूचि अपने इस पारिवारिक कार्य में बिलकुल नहीं थी। कुश्ती के दाँव पेंचों में रूचि रखने वाले पिता का प्रभाव अब्दुल हमीद पर भी था। लाठी चलाना, कुश्ती का अभ्यास करना, पानी से उफनती नदी को पार करना, गुलेल से निशाना लगाना एक ग्रामीण बालक के रूप में इन सभी क्षेत्रों में हमीद पारंगत थे। उनका एक बड़ा गुण था सबकी यथासंभव सहायता करने को तत्पर रहना। किसी अन्याय को सहन करना उनको नहीं भाता था। यही कारण है कि एक बार जब किसी ग़रीब किसान की फसल बलपूर्वक काटकर ले जाने के लिए जमींदार के 50 के लगभग गुंडे उस किसान के खेत पर पहुंचे तो हमीद ने उनको ललकारा और उनको बिना अपना मन्तव्य पू...

ये हैं दुनिया की 5 सबसे खतरनाक सड़कें, यहां हर साल हो जाती है 13 लाख लोगों की मौत, देखें वीडियो

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नई दिल्ली। आज हम आपको दुनिया की 5 सबसे खतरनाक सड़कों के बारे में बताने जा रहे हैं। ये सड़कें बेहद खतरनाक हैं और इनपर एक्सीडेंट होते रहते हैं। इन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को अक्सर इन सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है; इसलिए आप इन खतरनाक सड़कों से गुजरते हुए कितने दिन जीवित रहते हैं ये आपके भाग्य पर निर्भर करता है। आपको बता दें कि ये सड़के इतनी खतरनाक हैं कि इन सड़कों पर हर साल लगभग 13 लाख लोग दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2011-2021 को “सड़क सुरक्षा का दशक” घोषित किया है। तो चलिए देखते हैं कितनी खतरनाक हैं ये सड़कें – गुओलियांग टनल रोड, चीन गुओलियांग सड़क के एक ओर खाई और दूसरी ओर पहाड़ है। इस सड़क को फोटो में नहीं देखा जा सकता, लेकिन आपको बता दें कि गुओलियांग शहर के कई ग्रामीणों द्वारा इस सड़क को एक पहाड़ी पर बनाया गया था। हालांकि, इसपर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारण लोग इस सड़क से गुजरना पसंद नही करते हैं। काराकोरम हाइवे, पाकिस्तान जिस सरकार के शासन काल में इसे बनाया गया उस सरकार ने इसे “मैत्री राजमार्ग” का नाम दिया था। काराकोरम हाइवे दुनिया में सब...

पत्रकार ने उकसाया और पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कर दी सर्जिकल स्ट्राइक

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मनोहर पर्रिकर ने कहा, एक टीवी एंकर के राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से अपमानजनक सवाल पूछे जाने के कारण वे पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने को प्रेरित हुए. पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि एक टीवी एंकर के अपमानजनक सवाल के कारण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक करने की योजना बनी. पर्रिकर के इस बयान जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा है कि उड़ी हमले से सर्जिकल स्ट्राइक का कोई लेना देना नहीं था. इसकी पहले से योजना थी क्योंकि एक मंत्री से टीवी एंकर से अपमानजनक सवाल कर लिया था. समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कहा कि 2015 में म्यांमार की सीमा पर चलाए गए उग्रवाद विरोधी अभियान के बाद एक टेलीविजन प्रस्तोता के राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ से एक अपमानजनक सवाल पूछे जाने के कारण वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पिछले साल की गई सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाने को प्रेरित हुए. पर्रिकर अब गोवा के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने गोवा में उद्योगपतियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा...

खुलासा: तो ये था पाकिस्तान पर सर्जिकल हमले का असली कारण

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नई दिल्ली। पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने खुलासा किया है कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक एक पत्रकार के तीखे सवाल का जवाब देने के लिए की थी। उन्होंने कहा कि वो सवाल मुझे चुभ गया था। परेशान कर रहा था। यह सवाल था 'क्या आपमें देश के पश्चिमी मोर्चे पर भी ऐसा करने का साहस एवं क्षमता है।' पत्रकार ने सवाल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर से पूछा था परंतु वो रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को चुभ गया और उन्होंने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करके सवाल का जवाब दिया। गोवा के मुख्यमंत्री ने उघोगपतियों की एक सभा को संबोधित करते हुए इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पीओके में आतंकवादियों पर किए गए लक्षित हमलों की योजना 15 महीने पहले बनी थी। गौरतलब है कि 4 जून 2015 को पूर्वोतर के आंतकी समूह ने मणिपुर के चंदेल जिले मे भारतीय सेना के एक काफिले पर हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। पर्रिक्कर ने कहा कि मैं अपमानित महसूस कर रहा था। एक छोटे से आतंकी संगठन, जिसमें 200 आतंकी थे और उसने सेना के 18 जवानों की जान ले ली। इसके बाद हम दोपहर में बैठे और सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई। इ...

खुलासा: भाजपा मंत्रियों ने कराया था आनंदपाल का फ़र्ज़ी एनकाउंटर

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नई दिल्ली। आनंदपाल एनकाउंटर मामले में उनके वकील एपी सिंह ने राजस्थान के चार मंत्रियों पर बड़ा आरोप लगाया है। एपी सिंह ने दावा किया है कि राजस्थान सरकार के 4 मंत्रियों के साथ आनंदपाल के गहरे संबंध थे। आनंदपाल के पास इन सभी के राज थे। सियासत की रिपोर्ट के अनुसार एपी सिंह ने कहा कि इन्ही मंत्रियों ने अपने राज खुलने के डर से आनंदपाल को सरेंडर नहीं करने दिया और पूरी प्लानिंग के साथ उनका फर्जी एनकाउंटर करवाया। पत्रकारों से बातचीत में एपी सिंह ने बताया कि इन मंत्रियों के सारे राज उनके पास रिकार्डिंग, टेलीफोन डिटेल और सीडी के रूप में मौजूद है, जिसके डर के चलते ही इस फर्जी एनकाउंटर की सरकार सीबीआई जाँच नहीं करवाने देना चाहती। उन्होंने कहा कि उनके  पास मौजूद सभी सबूतों को वह पहले अदालत में पेश करेंगे और उसके बाद जनता के सामने रखेंगे। इसके साथ उन्होंने बताया कि इस मामले के चलते उन्हें भी जान का खतरा है क्योंकि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। एपी सिंह ने बताया कि पिछले एक साल में उन्होंने आनंदपाल को सरेंडर करवाने के काफी कोशिशें की, जिसके चलते उन्होंने खुद राज्यपाल और गृहमंत...

एक देश एक टैक्स तो फिर केंद्र और राज्य जीएसटी क्यों वसूला जा रहा है मोदी जी, देखें बिल

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अमन पठान नई दिल्ली। मोदी सरकार ने विज्ञापन और सभाओं के माध्यम से जीएसटी का प्रचार किया था कि एक देश एक टैक्स की सरकार नीति अपना रहा है। इससे जनता और व्यापारियों को तमाम फायदे होंगे। फायदा किसे होगा यह समय ही बताएगा फ़िलहाल जनता को डबल जीएसटी अदा करना पड़ रहा है। जनता पीएम मोदी से पूंछ रही है कि जीएसटी एक देश का एक टैक्स है तो फिर केंद्र और राज्य सरकार दोनों जीएसटी क्यों वसूल रही हैं। बताते चलें कि सोशल मीडिया पर पांच बिल वायरल हो रहे हैं। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के नाम पर अलग अलग जीएसटी वसूला गया है। जीएसटी के लागू होने से व्यापारियों को सिर्फ लेखा जोखा रखने की दिक्कत झेलनी पड़ रही है। असल में जीएसटी का असर तो आम आदमी पर देखने को मिल रहा है। जालंधर के एक ग्राहक के बिल के मुताबिक हवेली रेस्टोरेंट में उसका बिल 2048.84 पैसे का था। जिस पर रेस्टोरेंट संचालक ने 184.40 पैसे केंद्र और 184.40 पैसे राज्य सरकार का जीएसटी लगाया टोटल बिल 2418 रूपये का हुआ। इसी तरह अन्य बिलों का भी यही हाल है। एक बिल में 635 रूपये की खरीददारी पर 114 रूपये का जीएसटी अदा करना पड़ा। सोशल मीडिया पर ये बिल वायरल कर पीए...

बच्चा चोर समझ कर भीड़ ने महिला की जान ली

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नई दिल्ली। बच्चा चोर समझ कर भीड़ द्वारा मार पिटाई के कारण एक 42 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया।  घटना मंगलवार के दिन की मुर्शिदाबाद ज़िले के सेकेंद्रा गाँव की है।  पुलिस ने बताया कि महिला मानसिक दिव्यांग थी।  पीड़िता का नाम ओतेरा बीबी था जो अपने माता पिता के संग मीठीपुर पानागढ़ गाँव में रहती थी। महिला शादीशुदा थी और उसकी मानसिक हालत के चलते उसके पति ने छोड़ा हुआ था। सोमवार रात को जब वह घर से निकली तो वापस नहीं आयी।  बकौल पुलिस, उसका ऐसे गायब हो जाना आम बात थी इसलिए घरवालों ने ढूंढने का प्रयास नहीं किया। मंगलवार के दिन वह सेकेंद्रा गाँव में थी और कथित रूप से दिलीप घोष नामक ग्रामीण के घर घुस गई थी।  दिलीप ने जब उसे अपनी नाबालिग बेटी के नज़दीक देखा तो पड़ोसियों को सूचित कर दिया।  ग्रामीण 21 जून को लापता हुई एक 14 वर्षीय बच्ची फुलतुषि घोष के कारण गुस्से में थे।  अतिशीघ्र लोगो ने उसे बच्चा चोर समझ कर पीटना शुरू कर दिया। उसको ट्रेक्टर से बाँध कर पीटा गया। मौके की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से छुड़ा कर अस्पताल लेजाया गया। लालबाग़ के एडिशनल एस पी अंशुमान स...

नोटबंदी की तरह जीएसटी भी देश में पैदा करेगी अराजकता: ओवैसी

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नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानी GST लागू होने से उसी तरह की अराजकता फैलेगी जिस तरह नोटबंदी के दौरान फैली थी. ओवैसी ने कहा, ‘सरकार जल्दबाजी कर रही है. मुझे दिखता है कि इससे अराजकता होगी…जब नोटबंदी की गई थी तो उससे अराजकता हुई थी क्योंकि कोई उचित योजना नहीं बनाई गई थी. इस बार भी, सरकार जल्दबाजी कर रही है और इससे अराजकता होगी.’ गौरतलब रहें कि पिछले साल 8 नवम्बर की मध्यरात्रि को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में चल रहे 500 व 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके बाद देश में रातों रात अफरा तफरी का सा माहौल हो गया था. ओवैसी का दावा है कि आर्थिक और टैक्स विशेषज्ञों ने भी जीएसटी के बारे में बहुत ज्यादा चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए कोई उचित योजना नहीं बनाई गई है.

अलीमुद्दीन की हत्या के मामले में भाजपा नेता गिरफ़्तार

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नई दिल्ली। झारखंड के रामगढ़ में बीफ़ ले जाने के आरोप में मारे गए अलीमुद्दीन मामले में भाजपा के स्थानीय नेता नित्यानंद महतो गिरफ्तार किया गया है। हालांकि नित्यानंद महतो ने कहा है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं। उन्होंने पुलिस से मामले जांच की मांग की है।उनकी गिरफ्तारी बीती रात हुई है। बता दें कि गुरुवार काे रामगढ़ में वाहन पर प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में अलीमुद्दीन नामक एक व्यक्ति को लोगों ने घेर लिया और बेरहमी से उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गयी। वहीं, एक दूसरा शख्स वाहन से भाग कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा था।

मोदी ने कहा- महाराणा प्रताप की तरह मैंने भी गौरक्षा के लिए लड़ाइयां लड़ी हैं?

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नई दिल्ली। कल पीएम मोदी ने देश में गाय के नाम हो रही मुसलमानों की हत्या पर चुप्पी तोड़ी है। मोदी ने कहा कि गाय के नाम पर हत्या करना गलत है। इस दौरान मोदी ने गाँधी के सिद्धांतों पर चलने की भी बात कही लेकिन जब मोदी गौ रक्षकों के आतंक पर बोल रहे थे तभी झारखंड एक मुस्लिम शख्स को भीड़ ने बीफ ले जाने के शक में पीट-पीट कर मार डाला। बहरहाल, अपने कल के बयान और झारखंड की घटना के बाद मोदी की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। इस बीच उनका एक पुराना वीडियों पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मोदी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि मैं आज महाराणा प्रताप की धरती पर हूं और महाराणा प्रताप ने गोरक्षा के लिए अपना जीवन खपा दिया, गो रक्षा के लिए कई लड़ाइयां लड़ीं। मुझे गर्व है कि मैंने अपने गुजरात में गोरक्षा का कानून लाकर गोवंश के संरक्षण का काम किया है। मोदी का यह वीडियो 2013 का बताया जा रहा है जब वह गुजरात के सीएम हुआ करते थे। ऐसे में अब यूज़र्स मोदी से पूछ रहे हैं कि आपकी चेतावनी के बाद भी गोरक्षा के नाम पर हत्याएं हो रही हैं,अब क्या करेंगे? वहीँ, कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि गोरक्षा के नाम पर मोदी सिर्फ लोगों को...

आसाराम बोले- जज साहब अब फैसला कर ही दीजिए

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नई दिल्ली। अपने ही आश्रम की नाबालिग के साथ यौन दुराचार के आरोप में फंसे आसाराम अब गवाहों के नहीं आने से लम्बी हो रही ट्रायल को लेकर परेशान हो गए है। दो दिन पहले कोर्ट में उन्होंने जज से कह दिया कि अब तो परेशान हो गया हूं, फैसला कर दीजिए। वहीं गुरुवार को अपने ही समर्थक को गवाह नहीं लाने पर नाराजगी जताई। अनुसूचित जाति-जनजाति मामलों की विशेष अदालत के दौरान आसाराम की ओर से 12 गवाह को वापस ले लिया गया है। अब इस मामले में महज आठ-दस गवाह ही बचे हैं, जिनकी गवाही होनी है। मामले में अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी। उल्लेखनीय है कि यौन उत्पीडऩ के मामले में पिछले मंगलवार को सुनवाई के दौरान आसाराम को न्यायालय में पेश किया गया था। लेकिन ना तो आसाराम के अधिवक्ता कोर्ट आए और ना ही बचाव पक्ष का कोई गवाह। इस पर परेशान आसाराम ने कहा कि, जज साहब अब बहुत हो चुका, परेशान हो गया हूं। कभी गवाह नहीं, तो कभी अधिवक्ता। अब तो फैसला कर दीजिए।

1 जुलाई से तत्काल टिकट रद्द कराने पर 50% पैसा होगा वापस

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नई दिल्ली: 1 जुलाई से यात्रियों के तत्काल टिकट रद्द कराने पर उन्हें 50 फीसदी पैसा वापस मिलेगा। इसके साथ ही सुविधा ट्रेन का टिकट वापस करने पर भी यात्रियों को 50 फीसदी पैसा ही वापस मिल सकेगा। इसमें कोच के हिसाब से रिफंड चार्ज काटा जाएगा। बता दें कि फिलहाल तत्काल टिकट कैंसिल करवाने पर रिफंड नहीं मिलता है। चलती ट्रेन में आरएसी टिकट को भी कंफर्म माना जाएगा। बताया जा रहा है कि रेलवे पेपरलेस टिकटिंग और कन्फर्म टिकट देने पर भी काम रही है। शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में 1 जुलाई से पेपरलेस टिकटिंग की शुरुआत होगी। इससे यात्रियों को उनके मोबाइल पर ही टिकट भेज दिया जाएगा। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषाओं में भी टिकट मिल सकेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को खत्म करने पर बी विचार किया जा रहा है। शताब्दी ट्रेनों में कंफर्म सीट उपलब्ध करवाने के लिए कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इतना ही नहीं एसी और स्लीपर क्लास के लिए तत्काल टिकट बुकिंग का समय एक घंटे तक बढ़ाया जाएगा। बता दें फिलहाल एसी क्लास में तत्काल टिकट की बुकिंग सुबह 10 से 11 जबकि स्लीपर क्लास के टिकट की बुकिंग 11 से 12 बजे...

चीन ने भारत को दी धमकी – 1962 की हार से नहीं लिया सबक जो जंग के लिए शोर मचा रहे हो

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नई दिल्ली। चीन ने 1962 की जंग का हवाला देते हुए भारत को एक बार फिर से धमकाया हैं. चीन की और से कहा गया कि अगर उसने ‘चीनी इलाके’ से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाया, तो इससे सीमा पर मौजूदा तनाव और बढ़ेगा. साथ ही सैनिकों की वापसी के बिना सीमा पर गतिरोध को लेकर कोई ‘वार्ता’ भी नहीं होगी. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने बयान जारी करते हुए कहा कि चुंबा घाटी को लेकर भारत सरकार से अभी कोई बातचीत नहीं चल रही है. भारत से बातचीत करने के लिए चीन की एकमात्र शर्त है कि भारतीय सेना अपनी जगह से पीछे जाए, तभी कोई बातचीत होगी. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग​ ने ये भी कहा कि भारत को साल 1962 को भी नहीं भूलना चाहिए. चीनी न्यूज पोर्टल ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत पर 1962 के युद्ध में मिली हार का असर है. लेख में भारतीय मीडिया पर भी हमला करते हुए लिखा है कि वो एक ऐसा माहौल पैदा कर रही है जिससे ये साबित हो रहा है कि चीनी सैनिक उसके क्षेत्र में जबरन घुस रहे हैं. इतना ही नहीं, चीनी मीडिया सिक्किम बॉर्डर के मुद्दे को भी 1962 की जंग के दौरान अमेरिकी समर्थन से जोड़ते हुए देख रहा है. ग्...

राष्ट्रपति कोई भी बने गौरक्षक तो ले सकते हैं हमारी जान

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नई दिल्ली। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की और से रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किये जाने को लेकर उना कांड के पीड़ितों ने कहा कि दलित राष्ट्रपति बनने से उनका दर्द कम नहीं होने वाला है. याद रहे पिछले साल 11 जुलाई को उना में बालू के दो बेटों और दो भतीजों की कथित गौरक्षकों ने पिटाई की थी. इस बारें में बालू का कहना है कि “हमारे परिवार ने गाय का चमड़ा उतारने का काम छोड़ दिया है लेकिन गौरक्षकों का डर बना हुआ है. हम चाहते हैं कि हमारे बेटे अहमदाबाद में बस जाएं.” बालू कहते हैं, “मैं गांव में रहूंगा. अगर वो मुझे मार देते हैं तो कोई बात नहीं। वो गुस्सा हैं और कभी भी बदला ले सकते हैं. अगर मेरे बेटे को जेल हुई होती तो मुझे भी ऐसा ही लगता. इस बार उन लोगों ने हम पर हमला किया तो कोई वीडिया वायरल नहीं होगा, लेकिन वो देखने लायक मंजर होगा.” बालू करीब 20 साल तक बीजेपी के कार्यकर्त्ता रहे. बालू के अनुसार वो हर चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करते थे. लेकिन अब उनका बीजेपी से मोहभंग हो चुका है.

जानिए किसने देखा था जीएसटी का सपना और अब क्यों हो रहा है पूरा?

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नई दिल्ली। जीएसटी, एक ऐसा टैक्स जो लगभग 17 सालों से इंतजार कर रहा था. विडंबना ऐसी कि सत्ता पक्ष में कांग्रेस रही तो बीजेपी ने विरोध किया और जब बीजेपी रही तो कांग्रेस ने. मोदी सरकार भी सत्ता संभालने के बाद से इस कर सुधार को लागू करने के लिए प्रयासरत थी लेकिन उसे सफलता अब मिली है करीब दो साल बाद. 30 जून की आधी रात भारत में बहुप्रतीक्षित जीएसटी लॉन्च हो जाएगा. आज हम आपको बताते हैं कि जो बीजेपी आज जीएसटी… जीएसटी कर रही है कभी उसने इसका विरोध किया था. और जो कांग्रेस आज इससे मुंह फेर कर खड़ी है उसी ने सबसे पहले इसे लागू करने की बात की थी, उसी ने जीएसटी का सपना देखा था. आपको बता दें कि जीएसटी जैसे कर सुधार की शुरुआत भारत में उस वक्त हुई थी जब देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे और वित्त मंत्रालय संभाल रहे थे पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह. वी पी सिंह ने फरवरी 1986 में मोडिफाइड वैट (MODVAT) इंट्रोड्यूस किया था. यह काफी कुछ जीएसटी जैसा था. इसने देश के लिए एकमात्र टैक्स सिस्टम की नींव रख दी थी. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर में सुधारों का सुझाव देने के लिए नियुक्त राजा चेलिया कमेटी द्वारा अ...