मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में शबनम हाशमी ने लौटाया अपना अवार्ड


नई दिल्ली: ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट शबनम हाशमी ने आज मोदी सरकार का विरोध करते हुए नेशनल माइनॉरिटी राइट्स अवार्ड अल्पसंख्यक राष्ट्रीय आयोग को लौटा दिया है।
सियासत की रिपोर्ट के मुताबिक शबनम ने ये फैसला देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही हिंसक घटनाओं को देखते हुए लिया है।
उनका कहना है कि मोड़ लिंचिंग के नाम पर देश के अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। ये सब हिंदूवादी संगठनों और मोदी सरकार के संरक्षण के तले हो रहा है।
सरकार इन लोगों के खिलाफ एक शब्द तक नहीं बोलती है।
आपको बता दें की ईद से दिन पहले हरियाणा की एक ट्रैन में 22 साल के लड़के जुनैद और उसके भाईओं के साथ हिन्दू कटटरवादी भीड़ ने हिंसा की और उनपर धार्मिक प्रताड़ना की। इस दौरान जुनैद की चाक़ू मार कर हत्या कर दी गई।
इस मामले में ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय ने मोदी सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग बाए हाथ में काली पट्टी बाँध कर प्रोटेस्ट किया।
गौरतलब है कि बीजेपी के राज में आये दिन मुस्लिम विरोधी घटनाएं बढ़ गई हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यूपी में तो डर के साये में जी रहे मुस्लिम वहां से पलायन करने पर मजबूर हो चुके हैं। लेकिन सरकार आँखे मूँद कर बैठी हैं।

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