क्या मुसलमान की जान इतनी सस्ती है ?
मोदी जी आपके 125 करोड़ भाईयों बहनों में एक और कम ।
ये है झारखंड के चतरा में रहने वाले मरहुम मोहम्मद सलमान उर्फ राजा, उम्र महज 19 साल, जो कोयले की खदान में मजदूरी करता था। शुक्रवार रात को अचानक पुलिस सलमान को घर से उठाकर ले जाती है और उसके सीने में धनाधन तीन गोली उतार देती है, सलमान का कसुर क्या था यह किसी ने नहीं बताया और न किसी को पता था।
सोचिये शुक्रवार को ही जिस लड़के को उसकी मजदूरी मिली थी, और वह रात में अपने लिए नए कपड़े, बेल्ट, इत्र, जूते- चप्पल लेकर आया था. वो बहुत खुश था और घर के लोगों से पूछ रहा था कि ये कपड़े अच्छे तो हैं ना.'' आखिरी जुमे के बाद उसके परीवार के साथ सभी लोग ईद की तैयारियों में जुटे थे. उसी समय पुलिस ने घर से निकालकर उनके बेटे की छाती पर तीन गोलियां दाग दीं." यह कहाँ का कानुन है ? यह कैसा लोकतंत्र है ? जहाँ एक मुसलमान को गोली मारने से पहले सोचना भी गवारा नहीं समझा जाता है , ।
फिलहाल पुलिस के उस जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है और थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन सवाल तो अब भी यही है की एक माँ को उसका लाल कौन लौटाएगा ?
अशरफ हुसैन की फेसबुक वाल से

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