गौरक्षा और लव जिहाद से निपटने के लिए विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने बांटे त्रिशूल



भगवा संगठन विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल ने गुजरात में लव जिहाद से लड़ने तथा गायो की रक्षा करने के लिए बड़ी संख्या ने त्रिशूलों का वितरण किया है।  टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पिछले ढाई वर्षो में 4000 से ज़्यादा त्रिशूल गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बांटे जा चुके है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद् ने 75 युवको को त्रिशूल दीक्षा प्रोग्राम में त्रिशूल वितरित किये।  इन त्रिशूलो का वितरण गायो की सुरक्षा और लव जिहाद से लड़ने के लिए किया गया।  इसी साल में अब तक 700 त्रिशूल बांटे जा चुके है।

विश्व हिन्दू परिषद् के जनरल सेक्रेट्री महादेव देसाई ने टाइम ऑफ़ इंडिया  को बताया कि : "गुजरात में गौ ह्त्या के बहुत सारे मामले प्रकाश में आये है और पुलिस इन हत्याओं को रोकने में विफल रही है तो अब समय आगया है कि हिन्दू युवा इस कार्य के लिए आगे आये।  इसके साथ ही हम लव जिहाद के खतरे को नियंत्रण में रखने हेतु कार्य कर रहे है।  हम शिक्षण संस्थानों के आस पास एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन भी करने वाले है  "
उन्होंने आगे कहा कि यह त्रिशूल कोई हथियार नहीं है क्योकि इनकी लम्बाई प्रतिबंधित हथियारों की लम्बाई से एक सेंटीमीटर कम है।  हालांकि गांधीनगर पुलिस ने कहा है कि वह सार्वजानिक स्थानों पर त्रिशूल को आने नहीं देंगे और नियमो का उल्लंघन करने वालो को सज़ा दी जाएगी।
सोचने वाली बात यह है कि सरहद पर सैनिको के साथ पाकिस्तान अक्सर हिंसक बर्ताव करता है।  महिलाओ के साथ बलात्कार अपने चरम पर है। आम आदमी का जीवन पल पल खतरे में है।  हत्या , लूट और आगजनी के किस्से रोज़ाना की बात हो गयी है लेकिन विश्व हिन्दू परिषद् ने कभी महिलाओ की सुरक्षा या सैनिको का साथ देने सरहद पर कोई कार्यवाही नहीं की। अपराधों को रोकने का काम पुलिस का है ,राज्य और केंद्र में खुद को हिन्दुओ का मसीहा बताने वाली पार्टी का राज है जिसके पास पुलिस, अर्धसैनिक बल, थल सेना , वायु सेना और जल सेना है फिर भी विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल को न भारत के प्रशासन पर भरोसा है ना सरकार और पुलिस पर।  ऐसे में खुद हथियारों को हाथो में लेने का निर्णय सिर्फ अल्पसंख्यकों को आतंक के साये में लाने का एक कदम मात्र है।    

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