जीएसटी से घी हुआ 30 रुपए किलो महंगा मांस को रखा है टैक्स फ्री


भोपाल। जीएसटी का असर दिखाई देने लगा है। कई ऐसी चीजों के दाम बढ़ गए हैं जिनकी उम्मीद नहीं थी। कहा जा रहा था कि परिवारों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी परंतु शुद्ध घी के मामले में ऐसा नहीं है। जीएसटी लगने के बाद यह 30 रुपए प्रतिकिलो महंगा हो गया है जबकि मांस को टैक्स फ्री रखा गया है। बता दें कि शाकाहारी एवं मांसाहारी लोग शरीर ताकत के लिए घी या मांस का उपयोग करते हैं। हिंदुओं में घी का उपयोग पूजा सामग्री के रूप में भी किया जाता है। इसे लेकर बहस शुरू हो गई है। 

जीएसटी से पहले शुद्ध घी 400 रुपए किलो में बाजार में बिक रहा था। इसमें 5 फीसद वैट और 1 फीसद एंट्री टैक्स शामिल था लेकिन अब जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स की दर 12 फीसद हो गई है जिससे 400 रुपए किलो में बिकने वाले शुद्ध घी 430 रुपए किलो में पहुंच गया है। खाद्य तेल और घी के थोक कारोबारी केके बांगड़ के मुताबिक जीएसटी में शुद्ध घी में टैक्स की दर अधिक होने का असर बाजार में दिखने लगा है। जानकारी के मुताबिक भोपाल में शुद्ध घी की खपत प्रतिदिन करीब 5 टन से अधिक की है।

जीएसटी का समर्थन करने वालों की दलील है कि दूध को टैक्स फ्री रखा गया है लेकिन घी उसकी प्रक्रिया के बाद तैयार होता है अत: टैक्स लगा दिया गया है। इसी तरह मांस भी जब प्रक्रिया के बाद एक व्यंजन के रूप में तैयार होगा तो होटल में उस पर भी टैक्स लगेगा लेकिन इस टैक्स से असहमत लोगों का कहना है कि दूध पशुओं द्वारा प्राकृतिक रूप से विसर्जित किया जाता है जबकि मांस उनकी हत्या की प्रक्रिया के बाद हासिल किया जाता है। अत: घी टैक्स फ्री और मांस पर सबसे ज्यादा टैक्स होना चाहिए। 

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