ये आगरा है साहब यहां सब अपने फायदे के लिए ही होता है
क्या आगरा की जनता से समझदारी शब्द बाहर निकल चुका है या अपने निजी फायदों के लिए यूज़ किया जाता है।अब ये तो जो देखे सो जाने।
जी हां मामला है आगरा का जहां अलीगढ़ की एक एम्बुलेंस वैन जो सड़कों पर प्रचार माइक से आवाज लगा रहा था कि , ऐ मोटरसाइकिल साइड दे, ऐ एक्टिवा साइड दे, जिससे सभी हक्के बक्के थे कि सायरन भी बज रहा है फिर भी ये इस तरीके से प्रचार सा क्यों कर रहा है।
रामबाग चौराहे से थोड़ा आगे निकलके उसी एम्बुलेंस वैन की रफ्तार एक दम थम गई और आराम से 10 से 20 की स्पीड में वैन चलने लगी।अगर वाकई में उस वैन के अंदर क्रिटिकल केस होता तो खाली सड़क पर भी उसकी स्पीड ठीक ठाक होती लेकिन
अब इससे क्या अंदाज लगाया जाये कि एम्बुलेंस के सायरन का अपने निजी फायदे और आनन्दो के लिए उपयोग किया जा रहा है।
सोनू खान
आगरा

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