जनपद अमेठी में एंटी-रैबीज इंजेक्सन का अभाव।


 पागल कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्सन लगाया जाता है। लेकिन जनपद में आज एक चौकाने वाला मामला सामने आया। मुसाफिरखाना तहसील के ग्राम मऊ अतवारा के रहने वाले 21 साल के शिव प्रताप सिंह को कुछ समय पहले कुत्ते ने काटा था। उस समय वो आगरा में थे। उन्होंने अपना पहला इंजेक्शन डॉक्टरों की सलाह पर वहीं के सरकारी अस्पताल में लगवाया था।

आज उन्हें दूसरी डोज लगनी थी, लेकिन जब वो रानीगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए तो उन्हें बताया गया कि इंजेक्सन कई दिनों से उपलब्ध नहीं हैं। शिव प्रताप सिंह जगदीशपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए पर उन्हें वहां भी निराशा ही हाथ लगी। जब इस बारे में हमने CHC अधीक्षक से बात किया तो उन्होंने बताया कि पिछले 5 दिनों से इंजेक्सन नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले से ही आपूर्ति नहीं हो रही है। जब इस संबंध में CMO अमेठी से बात किया गया तो वह नाराज होकर जवाब देते हुए बोले कि CHC अधीक्षक झूठ बोल रहे हैं उनके पास 10 ब्वॉयल उपलब्ध हैं। जब पुनः CHC अधीक्षक महेंद्र त्रिपाठी को CMO के कथन के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि मैं सही बोल रहा हूँ। वो हमारे अधिकारी हैं पर वो गलत जानकारी दे रहे हैं। आखिर में सवाल यह उठ रहा है कि जहाँ प्रदेश सरकार हर स्तर के स्वास्थ्य सुधार के लिए काम कर रही है वहीं एंटी रैबीज इंजेक्सन कि कमी पर CMO के इस प्रकार के नाराजगी भरे बयान का क्या अर्थ निकाला जा सकता है ?

रिपोर्ट शिवकेश शुक्ला

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