आख़िर चुनाव आयोग मान ही गया, EVM में छेड़छाड़ करना संभव
CARE OF MEDIA news network
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने आखिर कार मान ही लिया कि इवीएम में छेड़छाड़ संभव है. अब तक चुनाव आयोग यह दावा करता रहा है कि इवीएम में छेड़छाड़ संभव ही नहीं है. बता दें कि चुनाव आयोग ने तीन जून को हैकेथोन का आयोजन किया था. लेकिन अब अचानक मदरबोर्ड खोलने से मना करके खुद ही मान लिया है कि इवीएम में छेड़छाड़ संभव है. अगर अब भी चुनाव आयोग अपने इस दावे पर कायम है कि इवीएम में छेड़छाड़ संभव नहीं, तो इतनी बंदिश क्यों?
मदरबोर्ड में छेड़छाड़ के जरिये हैकिंग संभव है…
मदरबोर्ड में छेड़छाड़ के जरिये हैकिंग संभव है. इस तथ्य को मानकर पुख्ता इंतजाम करने के बजाय अनावश्यक टकराव में जाने से निर्वाचन आयोग की ही प्रतिष्ठा धूमिल होगी. इसी सप्ताह दिल्ली नगर निगम की दो सीटों पर वीवीपैट वाली नई इवीएम से चुनाव हुए। दोनों में भाजपा हार गई. इससे साफ साबित होता है कि विधानसभा चुनाव में इवीएम से छेड़छाड़ की गई थे. और बसपा सुप्रीमों मायावती के आरोप बिलकुल दुरूस्त थे
जो लोग इवीएम को लेकर केजरीवाल का मजाक उड़ा रहे है. उन्हें याद करना चाहिए कि इवीएम पर सबसे ज्यादा सवाल तो खुद आडवाणी जी और सुब्रह्मण्यम स्वामी ने किए हैं. अगर लोकतंत्र की मजबूती के केजरीवाल ने सवाल उठाए तो क्या बुरा क्या?

Comments
Post a Comment